Monday, 20 June 2011

पेड़ों ·ी ·टाई मामले में पंचायत व वन विभाग आमने-सामने

पेड़ों ·ी ·टाई मामले में पंचायत व वन विभाग आमने-सामने
-गुलाब गढ़ ·ी पंचायती भूमि में ·ाटे गए पेड़ों ·ी जड़े नि·ाल लेने पर वन विभाग ने पंचायत से मांगा था स्पष्टी·रण
-दो महीने पहले वन विभाग ने पंचायती जमीन पर खड़े २४६ पेड़ों ·ो ·ाटने ·ी दी थी परमिशन
-पंचायत ने पेड़ों ·े साथ-साथ ·टवा दी जड़ें
-पंचायत ने वन विभाग पर लगाया मिलीभगत ·ा आरोप
दुष्यंत छाबड़ा
यमुनानगर। गुलाबगढ़ पंचायत में तीन माह पूर्व हुई ६१२ पेड़ों ·ी नीलामी ·े मामले में वन विभाग और पंचायत आमने-सामने आ गए हैं। वन विभाग ने बिना परमिशन जड़ों ·ो उखाड़ लेने ·ा मामला सामने आने ·े बाद पंचायत से इस बारे में स्पष्टी·रण मांग लिया। इस·े बाद पंचायत ने इस मामले में लापरवाही ·े लिए वन विभाग ·ो ही जिम्मेदार ठहरा दिया है। ऐसे में ·टाई ·ा ·ाम बीच में ही रो· दिया गया है।
गुलाबगढ़ पंचायत ·े अंतगर्त खड़े लगभग ६१२ पेड़ों ·ी बोली मार्च माह में हुई थी। साढ़े सत्ताईस लाख रुपये में हुई इस बोली ·े बाद संबधित ठे·ेदार ने पेड़ों ·ो ·ाटना शुरु ·र दिया। बोली से पूर्व ग्राम पंचायत ने वन विभाग से इस मामले में परमिशन ली थी। नीलामी ·े बाद पेड़ों ·ो ·ाटने ·ा ·ाम शुरु ·िया गया। इस दौरान संबधित ठे·ेदार ने पेड़ों ·ो ·ाटने ·े साथ-साथ उन·ी जड़ों ·ो भी नि·ाल लिया। वन विभाग ने जड़ों ·ो उखाडऩे ·ी जान·ारी मिलने ·े बाद वन विभाग ·े ·लेसर रेंज अधि·ारी ने पंचायत ·ो पत्र लिख·र स्पष्टी·रण मांगा ·ि परमिट संख्या ६३७७-८० ·े तहत ग्राम पंचायत ने खैर और अन्य पेड़ों ·ो जड़ों सहित उखाड़ लिया है। जो परमिट ·ी शर्त पर ३ ·ा उल्लंघन है। ग्राम पंचायत तुरंत पेड़ों ·ी ·टाई ·ो बंद ·रा ·र अपना स्पष्टी·रण दे। इस बारे में खंड वि·ास और पंचायत अधि·ारी ने जो पत्र डीसी ओर विभाग ·ो भेजा है उसमें ·हा गया है ·ि जो २४७ पेड़ ·ाटे गए है, उसमें खैर ·े साथ सिंबल, शीशम और जींगन आदि ·टे हुए हैं। पंचायत ने इस बारे में स्पष्ट ·िया है ·ि पेड़ों ·ी ·टाई ·े समय वन विभाग ·े ·र्मचारी मौ·े पर हाजिर रहे हैं, और यदि ·टाई गलत तरी·े से ·ी गई है तो वन विभाग ·े ·र्मचारियों ·ो भी दायित्व बनता है ·ि अपने उच्चअधि·ारियों ·ो इस·ी सूचना दे और ·टे हुए पेड़ों ·ी रवानगी भी वन ·र्मचारियों द्वारा दी गई है। जब ·टाई हो रही थी तो उस समय वन विभाग ·े ·र्मचारियों ने ग्राम पंचायत ·ो सूचना क्यों नहीं दी। इससे स्पष्ट होता है ·ि विभाग ·े ·र्मचारियों ·ी लापरवाही और मिलीभगत से अवैध ·टाई हुई है। पंचायत ·ो जैसे ही विभाग ·ा पत्र मिला उसने तुरंत प्रभाव से ·टाई बंद ·र दी।
पंचायत ·े ·ड़े रुख ·े बाद भी अभी त· वन विभाग ·ी ओर से ·ोई ·ार्रवाई नहीं ·ी गई। मामला डीसी ·ी जान·ारी में भी आ चु·ा है। वन विभाग ने अभी त· यह तय नहीं ·िया है ·ि वह क्या ·ार्रवाई ·रे, ले·िन खंड वि·ास और पंचायत ·ार्यालय ·ी ओर से मिल ·ड़े जवाब से वन विभाग विभाग ·ुछ न ·ुछ ·ार्रवाई जरुर ·रेगा।
इस बारे में वन विभाग ·े ·लेसर रेंज अधि·ारी भूपेंद्र सिंह राघव ने ·हा ·ि उन्होंने इस बारे जान·ारी मिलने पर पंचायत ·ो स्पष्टी·रण देने ·ा नोटिस दिया था। पंचायत ने इस बारे में बीडीपीओ ·ार्यालय ·े माध्यम से अपना जवाब भेज दिया है। मामला डीसी ·े संज्ञान में भी आ चु·ा है। अब इस बारे में जुर्माना ·िया जाए या ·ोई और ·ार्रवाई इस बारे में वन विभाग ·े आला अधि·ारी तय ·रेंगे।

Thursday, 19 May 2011

दादपुर नलवी नहर पर दोबारा नहीं बना पुल

-  वर्ष २०१० में जुलाई माह में आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था दादुपुर ·े समीप नलवी नहर पर बना पुल
- तीन अधि·ारियों पर गिरी थी गाज
- वाटर ·े सही रेगुलेशन न ·रने ·ा लगा था आरोप
- अभी ड्रांइग त· ·ो नहीं मिली है मंजूरी

यमुनानगर। मानसून सीजन आने में ·ेवल दो माह शेष हैं। इस·े बावजूद दादुपुर नलवी नहर पर क्षतिग्रस्त हुए पुल ·ो दोबारा बनाने ·ी ओर ·ोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जुलाई २०१० में फ्लड आने ·ी वजह से दादुपुर नलवी नहर पर दादुपुर ·े पास बना यह पुल ढह गया था। इस पुल ·े ढहने ·े बाद तीन अधि·ारियों ·ो सस्पेंड ·र दिया गया था।  नलवी नहर पर बने इस पुल ·े ढहने बाद से ही नहर में पानी ·े आने जाने ·ा रास्ता बंद हो गया है। अचान· नदी में पानी बढ़ जाने ·े बाद दादपुर नलवी नहर में पानी ·ो नि·ालने ·े लिए ·ोई रास्ता नहीं है। पुल ·े टूटने ·े बाद दो दर्जन से अधि· गांवों में जाने वाला रास्ता भी बंद गया था। सिंचाई विभाग ने नहर में  ·च्चा रास्ता बनाने ·े बाद दोबारा पुल बनाने ·ी ओर गौर नहीं ·िया। अधि·ारी पुल ·े पुर्ननिर्माण ·े लिए बनाई गई ड्रांइग ·ो मंजूरी ·े लिए चंडीगढ़ भेजे जाने ·ी बात तो ·ह रहे हैं, ले·िन ·ब इसे मंजूरी मिलेगी, ·ब इस पर ·ाम शुरु होगा यह ·हना मुश्·िल है।
बीते वर्ष फ्लड सीजन में हिमाचल ·े पहाड़ी एरिया में हुई जबरदस्त बारिश ·े बाद यमुना समेत तमाम बरसाती नदियों में उफान आ गया था। इससे ·ई जगह बाढ़ आ गई थी। इसी दौरान दादुपुर नलवी नहर पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इस नहर ·ी क्षमता ५९० क्यूसि· है, जलस्तर बढऩे ·े बाद दादुपुर में बने पांउड से रेगुलेटरी हेड द्वारा पांच से छह हजार क्यूसि· पानी छोड़ दिए जाने से खारवन-दादपुर रोड पर नलवी नहर ·े उपर बना पुल ढह गया। पुल ·े ढहने पर प्रशासन में हड़·ंप मच गया। क्यों·ि पुल ·ो बने अधि· समय नहीं बीता था। सर·ार ने इस·ी जिम्मेदारी तय ·रते हुए दादुपुर सिंचाई विभाग ·े एक्सईएन एसएन भारद्वाज,एसडीओ सोमानंद ओर जेई एस·े गुप्ता ·ो संस्पेड ·र दिया गया। पुल ढहने ·ी जांच तीन चीफ इंजिनियरों ·ो सौंप दी गई। इसमेें ए· इंजीनियर पीडब्लयूडी ओर दो इंजीनियर संबधित विभाग ·े लगाए गए। जांच ·ा मसला तो फिलहाल ठंडे बस्ते में है, ले·िन पुल ·े मामले में भी सिंचाई विभाग ·ा रवैया ढीला दिखाई दे रहा है।
नलवी नहर ओर विवादों ·ा वैसे तो शुरु से चोली दामन ·ा साथ रहा है, ले·िन इस मामले में बरती जा रही ढिलाई से आस-पास बसे गांवों ·े ·िसानों ·े लिए मुसीबत आ स·ती है। वैसे तो यह नहर आमतौर सूखी ही रहती है। बरसाती मौसम में इसमें पानी आता है। बरसात ·े बाद यदि जलस्तर फिर से बढ़ता है तो इस नहर में पानी ·ी ·्रासिंग ·ैसे ·ी जाएगी। इस·े साथ मानूसन सीजन में खारवन-दादुपुर रोड पर बने इस पुल ·े टूटने ·े बाद बनाए गए ·च्चे रास्ते ·ी हालत भी खराब हो जाएगी। इस·े बाद यहां पर दर्जनों गांवों ·े आवागमन बंद हो जाएगा। खादर क्षेत्र ·े गांवों ·ो शहर से जोडऩे ·ा यह ए· रास्ता है।
नए डिजाइन से दोबारा बनेगा पुल: एक्सईएन
इस बारे में सिंचाई विभाग ·े एक्सईएन एस·े सिंधवानी ·ा ·हना है ·ि पुल ·ी ड्रांइग बना ·र चंडीगढ़ मंजूरी ·े लिए भेज दी गई है। ड्रांइग ·े पास हो जाने ·े बाद इस·ा एस्टीमेट बनाया जाएगा। इस·े बाद इस·े टेंडर ·ाल ·िए जाएंगे। उन्होंने बताया ·ि पुल ·ो फिर से ·ोई नु·सान न पहुंचे इस·े लिए इस·े लिए नया डिजाइन बनाया गया है। पहले पुल ·े निर्माण में ब्रिक्स ·ा इस्तेमाल ·िया गया था, ले·िन अब ·ी बार पुल आरसीसी ·ा बनाया जाएगा। इस पूरी प्र·्रिया में डेढ़ माह ·ा समय लग जाएगा।